दुनिया से मतलब रखता जो
था उसका धरोहर तेरा अंश
उस पावन अंश से बिछुड़
पड़ा है यह पार्थिव देह
दुनियादारी के कदम उठाते
उस अंश सहित देह ने
भरा चिटठा कर्मोंका
जो आज तेरे सामने
खुलने को है तैयार
हे प्रभो!
सांस चलते
देह रखते
जो संभल न पाया
अब हाथ मसलता
रह गया
तू दया का दाता
आज बन न्यायनिहन्ता
मेरे बुरे करतूतों को
नजरंदाज न करना
पर ऐसी सजा सुनाना
जिसे भुगतते
तेरा कभी साथ न छुटे
तेरी साया में
मेरा हर लम्हा
समा जाये
Saturday, July 31, 2010
Wednesday, July 28, 2010
दुनिया से रखता जो
था उसका धरोहर तेरा अंश
उस पावन अंश से बिछुड़
पड़ा है यह पार्थिव देह
दुनियादारी के कदम उठाते
उस अंशसहित देह ने
भरा चिठ्ठा कर्मोंका
जो आज तेरे सामने
खुलनेको है तैयार ,
हे प्रभो ,सांस चलते
देहा रखते
जो संभल न पाया
अब हाथ मसलता
रह गया !
तू दया का दाता
आज बन न्यायनिहन्ता
मेरे बुरे करतूतों को
था उसका धरोहर तेरा अंश
उस पावन अंश से बिछुड़
पड़ा है यह पार्थिव देह
दुनियादारी के कदम उठाते
उस अंशसहित देह ने
भरा चिठ्ठा कर्मोंका
जो आज तेरे सामने
खुलनेको है तैयार ,
हे प्रभो ,सांस चलते
देहा रखते
जो संभल न पाया
अब हाथ मसलता
रह गया !
तू दया का दाता
आज बन न्यायनिहन्ता
मेरे बुरे करतूतों को
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